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*एक ही ठेकेदार के पास 23 पंचायतों का सफाई का ठेका, मंत्री का फूटा गुस्सा,बोले ब्लैक लिस्ट कर वसूली करो*
Swachhbharat
एक ही ठेकेदार के पास 23 पंचायतों का सफाई का ठेका, मंत्री का फूटा गुस्सा,बोले ब्लैक लिस्ट कर वसूली करो
जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर जयपुर जिले के बस्सी पंचायत समिति क्षेत्र में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिला परिषद,जयपुर सुश्री प्रतिभा वर्मा ,ब्लॉक विकास अधिकारी सुश्री समीक्षा वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे ।
शिक्षा एवं पंचायत मंत्री ने पांच ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया जिम राम रतनपुरा, हीरावाला कानोता, मानगढ़ खोखावाला और बैनाड़ा शामिल है।
कानोता ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा गंदगी और कचरे के ढेर लगे मिले। कानोता नायला मुख्य सड़क पर जयपुर होंडा शोरूम के पास गंदगी का अंबार देख कर मंत्री श्री दिलावर ने ग्राम विकास अधिकारी प्रभु नारायण को पूछा कि सफाई कब से नहीं हुई। इस पर ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि दो तीन दिन पहले ही सफाई करवाई है । दिलावर ने विकास अधिकारी को डांट लगाते हुए कहा कि झूठ क्यों बोलते हो ? सच बताओ।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने कहा कि सब साल भर से ज्यादा हो गया। यह सफाई करने कोई नहीं आता।
मंत्री ने ब्लॉक विकास अधिकारी से पूछा हर रोज सफाई के लिए टेंडर हुआ या नहीं। बीडीओ ने बताया कि टेंडर लगाभाग डेढ़ माह पहले ही हुआ है। मंत्री ने पूछ फिर गांव में हर रोज सफाई क्यों नहीं हो रही ? कचरे के ढेर क्यों लगे है ? कचरा उठाने और सफाई की bsr दर तय होने के बाद भी कचरा हर रोज क्यों नहीं उठ रहा।
इसके बाद मंत्री श्री दिलावर गांव के अंदर किसान सेवा केंद्र के पास हरिजन मौहल्ले में पहुंचे । जहां किसान सेवा केंद्र के पास बड़ा नाला पूरी तरह से कचरे के कारण बंद था। और सड़क पर ही कचरे के ढेर लगे थे। बदबू के कारण खड़ा होना मुश्किल था। मंत्री श्री दिलावर ने सफाई ठेकेदार को मौके पर बुलवाया। मंत्री ने ठेकेदार रमेश मीणा से पूछा कि सफाई कितने दिन में करते हो। ठेकेदार ने कहा कि हर रोज सफाई हो रही हैं। मंत्री ने पूछ कितनी पंचायतों का ठेका हैं तुम्हारे पास तो रमेश मीणा ने जवाब दिया कि 23 पंचायतों का सफाई का ठेका उसके ही पास है। इस पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भड़क गए और जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी से पूछा कि जब अधिकतम दो पंचायतों का ठेका एक ठेकेदार को देने का नियम है। तो इसको 23 पंचायतों के ठेके कैसे मिल गए।
मंत्री ने आदेश दिया कि तत्काल इसके सभी ठेके निरस्त कर इसको ब्लैकलिस्ट करो। इसकी अमानत राशि जब्त कर इसके सारे भुगतान रोक दो और सरपंच,ग्रामसेवक तथा सहायक अभियंता की विस्तृत जांच करो । तथा पूरी राशि की वसूली तीनों से करो।
इसके पूर्व पंचायती राज एवं शिक्षा मंत्री ने राम रतनपुरा हीरा वाला मानगढ़ खोखा वाला तथा बेनाडा ग्राम पंचायत का भी वाचक निरंक्षण किया सभी जगह सफाई की व्यवस्था चौपट मिली तथा ग्रामीणों ने शिकायत की की ना तो रोज झाड़ू लगाती है और ना ही सफाई की जाती है। इस पर मंत्री दिलावर ने सभी जगह सफाई ठेकेदारों के भुगतान रोकने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक पंचायत को विभाग प्रति वर्ष कम से कम 12 लाख रुपए देता हैं फिर भी गांव के लोग गंदगी में रहने को मजबूर है। मंत्री ने पांचों पंचायतों के सफाई ठेकेदारों के भुगतान रोकने तथा सरपंच,ग्रामसेवक और सहायक अभियंता की जांच कर वसूली करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने पंचायती रजिस्टर भी मंगवा कर चेक किए। सभी में ग्राम सभा की कार्यवाही और खाली जगह छोड़ कर हस्ताक्षर करना पाया गए। रजिस्टर में कार्यवाही के ठीक नीचे हस्ताक्षर की बजाय साइड में एक तरफ हस्ताक्षर करना पाया गया जो गलत था। रामरतनपुरा ग्राम पंचायत में ग्राम सेवक के उपस्थित नहीं होने पर मंत्री ने मूवमेंट रजिस्टर मांगा कर उसकी जांच की तथा विकास अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिया।
*कहीं पर भी नहीं मिले सफाई कर्मचारी*
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री जब बस्सी की पांच पंचायत की निरीक्षण पर निकले तो निरीक्षण के दौरान किसी भी पंचायत में सफाई कर्मचारी सफाई करते नहीं मिले। जबकि निविदा में अर्ध कुशल से काम करने का समय कम से कम 8 घंटे और उसके ऊपर दुगनी मजदूरी देने का प्रावधान है गांव में घरों एवं दुकानों के बाहर कहीं भी डस्टबिन या कचरा पात्र नहीं पाए गए कहीं कहीं सड़कों पर रेवाड़ी और गोबर के ढेर पाए गए पंचायत कार्यवाही रजिस्टर नियमानुसार अपडेट नहीं थे बीच-बीच में काफी पेज खाली छोड़ रखे थे इस रजिस्टर में निष्कर्ष एवं साइन नीचे करने होते हैं लेकिन कहीं भी निष्कर्ष लिखा हुआ नहीं मिला कुछ जगह साइन अभी भी साइड में कर रहे हैं। पंचायत में मूवमेंट रजिस्टर बना ही नहीं रखा है ।जहां बना रखा है वह भी अपडेट नहीं है। कानोता ग्राम पंचायत में तो मंत्री जी के आने की खबर मिलने के बाद आनंद-गणन में मूवमेंट रजिस्टर तैयार किया गया।
निविदा के तहत विद्यालयों की परिसर एवं शौचालय की सफाई भी की जानी है। लेकिन मानगढ़ खोखावाला ग्राम पंचायत परिसर में ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित है।जहां ना तो साफ सफाई मिली और ना ही शौचालय में सफाई थी। पूरे परिसर में कीचड़ और गंदगी पाई गई।
गांव में घर-घर कचरा संग्रहण का काम वास्तविक रूप से शुरू नहीं हुआ है। स्वस्थ भारत मिशन (ग्रामीण) का काम धरातल पर शून्य पाया गया। इसी प्रकार नाली सफाई,सड़क सफाई का काम भी बिल्कुल शून्य पाया गया। बहुत जगह पर नालियां चोक पाई गई।
पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए है।

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