
दरा में हाईवे जाम की समस्या को लेकर जन आंदोलन का आगाज
Dara-highway. Jam
-झालावाड़ में सर्व समाज की ओर से विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा .
-आगामी 2 मार्च को झालावाड़ बंद की चेतावनी
-झालावाड़ - कोटा के बीच दर घटी में आवागमन सुलभ बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने तय की रणनीति.
- लंबा हाईवे जाम बन रहा जन आंदोलन का मुद्दा
- लंबे जाम से परेशान है राहगीर
- एम्बुलेंस जाम में फंसने से आए दिन हो रही है रोगियों की मौतें
झालावाड़. झालावाड़ से कोटा के बीच स्थित मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के 7 किलोमीटर इलाके में बार बार लगने वाले चक्का जाम का स्थाई समाधान करने की मांग को लेकर झालावाड़ के सर्व समाज की ओर से विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा. जिसमें समस्या का समाधान नहीं होने 2 मार्च को झालावाड़ बंद की चेतावनी दी.
दरा घाटी में फोरलेन हाईवे निर्माण की इजाजत नहीं मिलने से घटी में आए दिन जाम लग रहा है. जो जाम अब जन आंदोलन का मुद्दा बनता जा रहा है.
इस जाम के कारण कई घंटे तक राहगीर परेशान हो रहे हैं. कई बार एंबुलेंस फंसने से रोगियों की मौतें हो चुकी है. झालावाड़ के लोगों ने इसका हल निकालने के लिए अब जन आंदोलन करने का बीड़ा उठाया है.
जिसके तहत दोपहर 2:30 बजे सैकड़ो शहर वासी भवानी क्लब पार्क के बाहर जमा हुए. यहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में मिनी सचिवालय की ओर रवाना हुए. जुलूस में कई सामाजिक संगठन सहित राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए. जिन्होंने मिनी सचिवालय पहुंचकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा.
जिसमे में बताया कि समस्या का समाधान आगामी तीन दिवस में नहीं हुआ तो झालावाड़ बंद किया जावेगा और आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा.
क्या है मामला
झालावाड़ से कोटा का फोरलेन जहां झालावाड़ को जयपुर दिल्ली से जोड़ता है वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल शहरों को जोड़ने वाला मार्ग है. इस राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर कोटा से मध्य प्रदेश की सीमा तक फोरलेन सीसी रोड बन चुका है. लेकिन मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के बीच 7 किलोमीटर के हिस्से में निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण कई सालों से यह टुकड़ा लोगों के लिए समस्या का कारण बना हुआ है. इस बीच में एक जगह रेलवे क्रॉसिंग अंडर पास आता है. दरा के निकट इस अंडरपास पर आए दिन रास्ता जाम हो जाने के कारण 10-10 घंटे के जाम लगे आम बात हो गए हैं. पिछले कुछ दिनों 3-4 बार लम्बे जाम लग चुके है. जिनमे एंबुलेंस फंसने से रोगियों की मौतें तक हो चुकी है. जाम में फंसने के कारण न केवल कोटा झालावाड़ के लोग बल्कि मध्य प्रदेश के इंदौर भोपाल तक जाने वाले और जयपुर तक जाने वाले लोग परेशान हैं.
करीब एक दशक से परेशानी झेल रहे झालावाड़ और आसपास के लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार ज्ञापन दिए और समस्या के समाधान की मांग की. लेकिन मामला दिल्ली से जुडा होने के कारण कोई समाधान नहीं निकला.
जुडी है राजनितिक प्रतिष्ठा
वैसे तो यह क्षेत्र रोड पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मंत्री शांति धारीवाल जैसे कद्दा वर नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है. लेकिन मामला टाइगर रिजर्व और वन विभाग से जुदा होने के कारण इस 7 किलोमीटर के टुकड़े पर कोई निर्णय नहीं हो सका है.
पूर्व मंत्री भारत सिंह ने इसको गहलोत सरकार के कार्यकाल में दरा से वाया पनवाड़ से तीनधार बनाने की का प्रयास किया था. यह मार्ग से टाइगर रिजर्व से पूरी तरह बाहर होकर निकलता है. जिस से वन एवं पर्यावरण की एन ओ सी की जरूरत नहीं होती और विभागीय स्वीकृतियों में समय की बचत होती. लेकिन सुकेत, ढाबादेह और रामगंज मंडी क्षेत्र में विरोध के कारण ये योजना अमली जमा नहीं पहन सकी.
खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने भी इस मामले को विधानसभा में उठाया है.
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