
चार किलोमीटर स्वीकृत सडक बनी ही नहीं, साढे सात करोड का गडबडझाला
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-भानपुरा-भैसोदामण्डी सीसी सड़क
-मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का खेल
भवानीमंडी। मंदसौर जिले में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के भ्रष्टाचार का एक और बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। भानपुरा से भैसोदामण्डी (वाया लोटखेड़ी) सड़क निर्माण परियोजना में बीस किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़क बनाई जानी थी लेकिन इसमें से चार किलोमीटर सडक बनाई ही नहीं। इसमें करीब 7.5 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार की बात सामने आई है।
वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने भैंसोदामंडी तक दो सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए थे। ये दोनों टेंडर जैनको इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, कोटा (राजस्थान) को दिए गए। टेंडर के अनुसार, कुल 20.6 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना था, जिसकी अनुमानित लागत 38.2 करोड़ रुपये तय की गई थी। यानी प्रति किलोमीटर लागत 1.87 करोड़ रुपये बैठती है, जिसमें विद्युत पोल की शिफ्टिंग भी शामिल है। लेकिन ठेकेदार द्वारा जो काम किया गया उसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
भानपुरा से भैंसोदा (वाया लोटखेड़ी) तक सड़क की लंबाई महज 13.3 किलोमीटर है। इस हिसाब से करीब 4 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया ही नहीं गया। जिसकी लागत लगभग 7.5 करोड़ रुपये बैठती है। यानी टेंडर में दर्शाई गई लंबाई और वास्तविक निर्माण के बीच बड़ा अंतर है। जब इस घोटाले को लेकर संबंधित अधिकारियों से सवाल किए गए तो किसी ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कुछ अधिकारियों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश की। जबकि बाकी ने जवाब देने से ही इनकार कर दिया।
जनप्रतिनिधियों व अफसरों की भूमिका पर सवाल
इतना बड़े भ्रष्टाचार को लेकर जब जनप्रतिनिधियों की जागरूकता भी सवाल खड़े हो रहे है। इस बारे में क्षेत्रीय विधायक चंदरसिंह सिसोदिया से संपर्क किया गया, तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। यह वही विधायक हैं, जो पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़ के कार्यकाल के दौरान उनके निर्णयों की आलोचना करते नजर आते थे। यह सवाल उठना लाजमी है कि इतना बड़ा घोटाला प्रशासन की नजरों से कैसे बचा रह गया।
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